चंडीगढ़ में सेमेस्टर परीक्षा नहीं दे पाएंगे 50 हजार छात्र, प्रोफेसरों ने किया कॉलेज बंद करने का ऐलान

चंडीगढ़ में सेमेस्टर परीक्षा नहीं दे पाएंगे 50 हजार छात्र, प्रोफेसरों ने किया कॉलेज बंद करने का ऐलान

चंडीगढ़ के एक प्राइवेट कॉलेज के प्रोफेसर अपनी मांगों को लेकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. ऐसे में शिक्षकों ने 10 दिसंबर से कॉलेजों को पूरी तरह बंद रखने का ऐलान किया है. शहर के सात निजी महाविद्यालयों के शिक्षक केंद्रीय सेवा नियमावली लागू करने की मांग कर रहे हैं।

इस संबंध में प्राइवेट कॉलेज टीचिंग एंड नॉन टीचिंग यूनियन ने गुरुवार को डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में पत्रकार वार्ता की. संघ के सदस्यों ने कहा कि वे कई बार चंडीगढ़ प्रशासन से केंद्रीय सेवा नियमों को लागू करने की गुहार लगा चुके हैं. इसके बावजूद प्रशासन सात माह में कुछ नहीं कर पाया है। केंद्रीय सेवा नियमावली लागू नहीं होने से निजी महाविद्यालयों के कई शिक्षक बिना वेतन के कार्य कर रहे हैं। क्योंकि पंजाब सेवा नियमावली के तहत 60 वर्ष से अधिक उम्र के शिक्षकों का वेतन प्रशासन रोक दिया गया है

अत्याचार है कि शहर में सात निजी कालेज जिन्हाेंने बंद करने की घोषणा की है। निजी कालेजों में डीएवी कालेज सेक्टर-10, एमसीएम धावी कालेज सेक्टर-36, देव समाज कालेज फार एजुकेशन सेक्टर-36, देव समाज कालेज फार वूमेन सेक्टर-45, एसडी कालेज सेक्टर-32, श्री गुरु गोबिंद सिंह कालेज फार वूमेन सेक्टर-26 और श्री गुरु गाएबिंद सिंह कालेज सेक्टर-26 के 500 से ज्यादा टीचिंग और 450 के क्लोज नान टीचिंग स्टाफ है, जिन्हें सेंट्रल सर्विस रूल्स लागू न होने से सेवानिवृति एज लिमिट बढ़ी, सातवें पे स्कैन के लागू होने और प्रमोशन का लाभ नहीं मिला

सेमेस्टर परीक्षा बाधित रहेगी
कॉलेज के प्राध्यापक डॉ. सुमित ने बताया कि 26 नवंबर से 5 जनवरी 2023 तक स्नातक एवं स्नातकोत्तर कक्षाओं की सेमेस्टर परीक्षाएं हैं. यदि प्रशासन ने केन्द्रीय सेवा नियमावली को लागू नहीं किया तो महाविद्यालयों के बंद होने के कारण विभिन्न निजी महाविद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 50 हजार छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे. चंडीगढ़ प्रशासन के रवैये से परेशान शिक्षकों ने कॉलेज बंद करने का ऐलान कर दिया है

छात्र संघ ने समर्थन किया
कॉलेज के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ द्वारा 10 दिसंबर से कॉलेज बंद करने की घोषणा का कॉलेज छात्र संघ ने भी समर्थन किया है. छात्र संघ सचिव महक गिल ने कहा कि अगर कॉलेज बंद हुए तो छात्र सड़कों पर उतरेंगे, जिसके लिए चंडीगढ़ प्रशासन जिम्मेदार होगा. हमारे घरवालों ने हजारों रुपए फीस देकर हमें कॉलेज भेजा है, अगर हम सेमेस्टर की परीक्षा नहीं दे पाएंगे तो हमारा पूरा सेमेस्टर खराब हो जाएगा

केंद्रीय सेवा नियमावली का लाभ देने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही इसे लागू कर निजी कॉलेज के टीचिंग व नॉन टीचिंग स्टाफ को लाभ दिया जाएगा.

 

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