करोड़ों रुपये खर्च फिर भी नहीं बसे स्ट्रीट वेंडिंग जोन

यमुनानगर। सेक्टर-17 के पास गणेशनगर व सिटी थाने के सामने करोड़ों खर्च के बावजूद वेंडिंग जोन सुनसान पड़े हैं, क्योंकि अभी तक यहां शहरी सड़कों से स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी वाले) शिफ्ट नहीं हुए हैं। मामले में विपक्षी पार्षद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। उनका आरोप है कि दोनों जगह पानी की तरह बकाये करोड़ों रुपये बेकार साबित हुए हैं।

करोड़ों रुपये खर्च फिर भी नहीं बसे स्ट्रीट वेंडिंग जोन

ट्विनसिटी (यमुुनानगर-जगाधरी) में अतिक्रमण व ट्रैफिक जाम की वजह बनने वाली रेहड़ियों की शहरी सड़कों से शिफ्टिंग के लिए नगर निगम की ओर से जोन बनाए जा रहे हैं। ऐसे ही सेक्टर-17 के पास गणेशनगर और सिटी थाने के सामने वेंडिंग जोन बनाए गए, लेकिन अभी तक यहां करोड़ों रुपये खर्च के बाद भी रेहड़ियां शिफ्ट नहीं हुई हैं।

यहां शिफ्ट हुईं रेहड़ियां हफ्तेभर में लौटीं
सिटी थाने के सामने बने वेंडिंग जोन में मार्च के पहले सप्ताह में रेलवे रोड और वर्कशॉप रोड की रेहड़ियां शिफ्ट की गई थीं। ऐसा कर नगर निगम अफसरों ने उक्त दोनों रोड पर अतिक्रमण व ट्रैफिक जाम की दिक्कत खत्म होने का दावा कर वाहवाही बटोरी, लेकिन शिफ्टिंग के अगले ही दिन वेंडर्स यहां सुविधाओं व ग्राहकों की कमी बताते हुए विरोध में उतर गए। चार दिन यहां काम करने से बायकॉट कर पांचवें दिन रोड जाम व प्रदर्शन किए फिर वेंडर्स दोबारा शहरी सड़कों पर लौट गए। अभी यहां 75 की जगह नॉनवेज की दस ही रेहड़ियां लग रही हैं। जबकि यहां इंटरलॉक टाइल्स व CC के फुटपाथ से लेकर पेयजल बूथ, शौचालय व स्ट्रीट लाइट जैसी सुविधाओं पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं। जहां पेयजल बूथों पर नल नहीं हैं और शौचालयों पर ताले लटके हैं और पूरे वेंडिंग जोन में शेड नहीं है और घास व झाड उग आए हैं।
सालभर बाद भी यहां अधर में लटका काम
सेक्टर-17 के पास गणेशनगर में करीब 80 लाख रुपये की लागत से वेंडिंग जोन तैयार हो रहा है। यहां जगाधरी के प्रकाश चौक, बस स्टैंड, पुराना रेलवे रोड, सिविल लाइन, मुख्य बाजार में रेहड़ियां शिफ्ट होनी थी, पर सालभर से इसका काम अधर में है। जबकि यहां इंटरलॉक टाइल बिछाने से लेकर शेड, पेयजल के पाइप डालने पर लाखों रुपये खर्च हो चुके हैं।
वार्डों के कामों के लिए धन कम, वेंडिंग जोन पर लाखों बेकार
वार्ड-4 से पार्षद देवेंद्र सिंह, वार्ड-8 से विनोद मरवाह ने कहा कि सदन बैठकों में मंजूर कामों में कम लागत के कामों के लिए भी निगम अफसर धन की कमी गिना देते हैं, पर सिटी थाने के सामने और गणेशनगर में वेंडिंग जोन पर लाखों रुपये पानी की तरह बेकार कर दिए गए। वेंडिंग जोन बनाने के लिए स्थान निर्धारित करने से पहले न तो वार्ड पार्षदों और न वेंडर्स से राय ली गई। उनका आरोप है कि वेंडिंग जोन के लिए गलत स्थान निर्धारित किए गए, इसलिए वेंडर्स भी यहां शिफ्ट नहीं होना चाहते हैं।
कई जगह वेंडर्स को उनके काम के मुताबिक जोन बनाकर शिफ्ट किया जा चुका है। अन्य जगह भी योजना सिरे चढ़ाने को लेकर कार्य चल रहा है।
-मदन चौहान, मेयर, नगर निगम।

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