दादरी के युवक ने फिलीपींस की युवती से रचाई शादी

पांच साल पहले फेसबुक पर हुई मित्रता के बाद दादरी निवासी अंकित फौगाट सोमवार को फिलीपींस निवासी बैंजी फारलिन के साथ सोमवार को स्पेशल मेरिज एक्ट के तहत विवाह बंधन में बंध गया। डीसी की अनुमति लेकर दोनों ने विवाह किया है। संभवत: यह दादरी जिला में पहला मामला है। बैंजी फारलिन शादी करने के लिए तीन माह का टूरस्टि वीजा लेकर गत मई में भारत आई थी।

दादरी के युवक ने फिलीपींस की युवती से रचाई शादी

अंकित फौगाट के पिता स्वतंत्र फौगाट ने बताया कि उनकी दो संताने हैं। लड़का अंकित और लड़की रिया। उनके लड़के ने सन 2013 में NIT कुरुक्षेत्र से बीटेक की और इसके बाद एडोबे कंपनी में उसकी जॉब लग गई। जॉब करते हुए अंकित का विदेशों में आना-जाना हुआ और उसे विभिन्न देशों में घूमना अच्छा लगने लगा। इसके चलते वह सन 2017 में फिलीपींस घूमने गया था। वहां उसकी मुलाकात फिलीपींस निवासी बैंजी फारलिन से हुई। इसके बाद वो फेसबुक पर दोस्त बन गए और फिर काफी करीब आ गए। उन्होंने धर्मांतरण के बिना ही शादी करने का फैसला लिया।

एडवोकेट पूनम सांगवान गोदारा ने बताया कि स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी का जिले में संभवत: पहला मामला है। इसके लिए डीसी श्यामलाल पूनिया से अनुमति भी ली गई। उन्होंने बताया कि सोमवार को अंकित और बैंजी फारलिन विवाह बंधन में बंध गए हैं।

कोविड के कारण बढ़ा दो साल का इंतजार

अंकित के पिता स्वतंत्र सिंह ने बताया कि दोनों ओर से परिवार के सदस्यों से हामी भर ली गई थी और बैंजी फारलिन को शादी करके यहां लाने का मन बना लिया। लेकिन उसी वक्त कोविड के कारण भारत सरकार ने विदेशों की हवाई सेवाएं बंद कर दी। कोविड की पाबंधियां हटने में दो साल का समय लग गया। इसके बाद गत आठ मई को बैंजी भारत पहुंची थी।

भारतीय संस्कृति और खाने फैन हुई बैंजी

अंकित की मां सुरेश देवी ने बताया कि बैंजी फिलीपींस में बैंक में सर्विस करती थी। फिलीपींस का खान-पान भारत से बिल्कुल अलग है। शादी के बाद इस बात की चिंता थी कि क्या वो भारतीय संस्कृति से तालमेल बैठा पाएंगी। लेकिन बैंजी को इस प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। वह हमारे देशी खाना जैसे दूध, दही और चूरमा की फैन हो गई है।

हिंदी सीख रही ताकि आगे कोई परेशानी न हो

अंकित के माता-पिता ने बताया कि बैंजी अभी अंग्रेजी भाषा में बातचीत करती है। इसके अलावा वह कुछ-कुछ हिंदी भाषा भी समझ लेती है। उन्होंने बताया कि वो घरेलू दैनिक काम हिंदी भाषा में ही बोलकर करवाते हैं। जिससे बैंजी को हिंदी भाषा का ज्ञान भी हो रहा है। हिंदी सीखने से उसे आगे चलकर दिक्कत नहीं आएगी।

वर्जन :-

चरखी दादरी शहर में स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी करने का यह पहला मामला है। अंकित और बैंजी दोनों सोमवार को उपायुक्त के समक्ष शादी के बंधन में बंध गए है।
पूनम मलिक गोदारा, अधिवक्ता

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