हरियाणा फिर बना नंबर वन, प्रति व्‍यक्ति आय में गुरुग्राम टाप

Per Capita Income in Haryana हरियाणा में देश में फिर नंबर वन राज्‍य बन गया है। राज्‍य में प्रति व्‍यक्ति आय बढ़ गई है। राज्‍य में प्रति व्‍यक्ति आय 2.70 लाख रुपये सालाना हो गई है। गुुरुगाम में प्रति व्‍यक्ति आय करीब आठ लाख रुपये सालाना है।

हरियाणा फिर बना नंबर वन, प्रति व्‍यक्ति आय में गुरुग्राम टाप, नंबर दो पर फरीदाबाद

चंडीगढ़। Haryana Per Capita Income: हरियाणा फिर देश में नंबर वन बन गया है। कोरोना काल में प्रभावित हुई हरियाणा की अर्थव्यवस्था अब पटरी पर लौट आई है और प्रति व्‍यक्ति आय के मामले में वह नंबर वन हो गसा है। बड़े राज्य में प्रति व्यक्ति आय के मामले में हरियाणा पहले पायदान पर पहुंच गया है। हरियाणा में वर्तमान में प्रति व्यक्ति आय करीब 2.75 लाख रुपये सालाना पहुंच गई है। कमाई के मामले में साइबर सिटी गुरुग्राम के आगे सब फीके हैं। गुरुग्राम में प्रति व्यक्ति आय करीब साढ़े आठ लाख रुपये तक पहुंच गई है। दूसरे स्‍थान पर फरीदाबाद है।

साइबर सिटी गुरुग्राम में प्रति व्यक्ति आय साढ़े आठ लाख पहुंची, नूंह के लोग एक लाख रुपये पर अटके

एक सर्वे के अनुसार, हरियाणा में औद्योगिक शहरों के मुकाबले अन्य जिलों में प्रतिव्यक्ति आय बेहद कम है। नूंह में प्रति व्यक्ति आय एक लाख रुपये सालाना के आसपास सिमट गई है। यह गुरुग्राम की तुलना में आठ गुणा कम है। इसी तरह दक्षिण हरियाणा में पड़ते भिवानी, चरखी दादरी, फतेहाबाद, सिरसा, हिसार, जींद और महेंद्रगढ़ में प्रति व्यक्ति सालाना आय दो लाख रुपये से कम है।

दक्षिण हरियाणा के मुकाबले उत्तर हरियाणा के जिले आर्थिक रूप से ज्यादा खुशहाल

दक्षिण हरियाणा के मुकाबले उत्‍तर हरियाणा के जिले आर्थिक रूप से ज्‍यादा खुशहाल हैं। औद्योगिक शहरों में दूसरे शहरों के मुकाबले प्रति व्यक्ति आय कहीं ज्यादा है। गुरुग्राम के बाद फरीदाबाद इकलौता जिला है जहां प्रति व्यक्ति आय चार लाख रुपये से अधिक है। इसी तरह 3.67 लाख रुपये प्रति व्यक्ति आय के साथ पानीपत के लोग तीसरे और पंचकूला के लोग तीन लाख रुपये की कमाई के साथ चौथे नंबर पर हैं। सोनीपत, रेवाड़ी और कुरुक्षेत्र में प्रति व्यक्ति आय ढाई लाख रुपये के करीब है।

हर चौथे व्यक्ति का स्वास्थ्य बीमा

महामारी के दौर में हरियाणा के लोगों में सेहत के प्रति जागरूकता बढ़ी है। प्रदेश में तकरीबन हर चौथे व्यक्ति ने स्वास्थ्य बीमा कराया हुआ है। बीमा कराने में भी औद्योगिक शहर गुरुग्राम और फरीदाबाद शीर्ष पर हैं । इन दोनोंं शहराें में हर तीसरे व्‍यक्ति का स्वास्थ्य बीमा है। इसके उलट नूंह में सिर्फ 11.5 प्रतिशत लोग ही स्वास्थ्य बीमा योजना के दायरे में हैं। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल के गृह जिले अंबाला के साथ ही कुरुक्षेत्र और पंचकूला में 20 प्रतिशत से कम लोगों ने स्वास्थ्य बीमा कराया है।

शौचालय के मामले में भिवानी-दादरी पिछड़े

नूंह प्रदेश में भले ही सर्वाधिक पिछड़ा इलाका है, लेकिन घरों में शौचालय के मामले में भिवानी-दादरी जैसे जिलों को राह दिखा रहा है। नूंह जिले में सौ प्रतिशत घरों में शौचालय हैं, जबकि भिवानी में 57.46, दादरी में 58.71, महेंद्रगढ़ में 61.86 और पानीपत में 64.39 प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा है। फतेहाबाद, झज्जर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पंचकूला, पलवल, रोहतक और यमुनानगर के सभी घरों में शौचालय हैं। पूरे प्रदेश की बात करें तो वर्तमान में आज भी छह प्रतिशत घरों में शौचालय की सुविधा नहीं है।

हरियाणा में ऐसे बढ़ रही प्रति व्यक्ति आय

वर्ष – प्रति व्यक्ति आय (रुपये में)

2014-15 – 1,47,382
2015-16 – 1,64,963
2016-17 – 1,84,982
2017-18 – 2,08,437
2018-19 – 2,23,015
2019-20 – 2,40,507
2020-21 – 2,35,707
2021-22 – 2,74,635

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