चंडीगढ़ की महिला कांस्टेबल को सिल्वर मेडल, RBI ट्रक हादसे में 2 घंटे तक फंसी रही, दोनों पैर हुए थे फ्रैक्चर

ड्यूटी के दौरान हादसे में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त रिजर्व बैंक आफ इंडिया के कैश वैन (ट्रक) में महिला कांस्टेबल पोपिता दो घंटे फंसी रही। दो ट्रकों के बीच टक्कर होने के बाद कैश वैन के अंदर कांस्टेबल पोपिता फंस गई थी।

चंडीगढ़ की महिला कांस्टेबल को सिल्वर मेडल, RBI ट्रक हादसे में 2 घंटे तक फंसी रही, दोनों पैर हुए थे फ्रैक्चर

कुलदीप शुक्ला, चंडीगढ़। चंडीगढ़ पुलिस की महिला कांस्टेबल को स्वतंत्रता दिवस पर सिल्वर मेडल से नवाजा गया है। बीते साल हुए हादसे में महिला कांस्टेबल पोपिता ने अपने धैर्य और साहस का परिचय देते हुए करीब दो घंटे तक वह जिंदगी और मौत के बीच की जंग लड़ती रही थी। महिला कांस्टेबल के इस धैर्य को हर किसी ने सराहा था।

दरअसल ड्यूटी के दौरान हादसे में पूरी तरह से क्षतिग्रस्त रिजर्व बैंक आफ इंडिया के कैश वैन (ट्रक) में महिला कांस्टेबल पोपिता दो घंटे फंसी रही। दो ट्रकों के बीच टक्कर होने के बाद कैश वैन के अंदर कांस्टेबल पोपिता फंस गई थी। पुलिस और दमकल कर्मियों ने कटर से ट्रक के टूटे और मुड़े हिस्से को कटकर महिला कांस्टेबल को बाहर निकाला था। हादसे में पोपिता बुरी तरह जख्मी हो गई थी। PGI चंडीगढ़ में तीन महीने तक उसका इलाज चला और तीन बार सर्जरी भी हुई। बावजूद कैश वैन की सुरक्षा में तैनात हिम्मत नहीं हारने वाली महिला कांस्टेबल पोपिता की बहादुरी और ड्यूटी पर निष्ठा के लिए उसे सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया। स्वतंत्रता दिवस पर सिल्वर मेडल पाने वालों की लिस्ट में DSP सेंट्रल गुरमुख सिंह सहित कई अधिकारी के साथ पोपिता का नाम शामिल हैं।

पांच सितंबर 2021 को ऐसे हुआ था हादसा

बीते साल पांच सितंबर की दोपहर करीब दो बजे रिजर्व बैंक आफ इंडिया की पांच गाडियां (कैश वैन) सेक्टर-17 की तरफ जा रही थी। जैसे ही सेक्टर 26 में मंडी के समीप मध्य मार्ग पर पहुंची कि अचानक आगे वाले ट्रक चालक ने ब्रेक लगा दी। इससे पीछे आ रहा दूसरा ट्रक आगे वाले ट्रक से टकरा गया। ट्रक में चालक के साथ सवार कांस्टेबल पोपिता ट्रक के कैबिन में फंस गई। उसके दोनों पैर फ्रैक्चर हो गए और वह बेहोश हो गई थी। ट्रक के अगले हिस्से को कटर से काटकर उसे क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया।

बोली- घर पर मत बताना

हादसे में घायल 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल पोपिता मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं। वर्तमान में वह चंडीगढ़ के गांव किशनगढ़ में रहती है। उसकी पुलिस लाइन में ड्यूटी है। हादसे के बाद पोपिता के घर से कोई भी उसकी संभाल के लिए PGI नहीं आ सका था। क्योंकि कुछ दिन पहले ही उसके पिता का देहांत हुआ था, जिस वजह से परिवार के सदस्य चंडीगढ़ नहीं आ सके थे। PGI में भर्ती पोपिता ने कहा था कि उसके घर पर उसके हादसे में घायल होने की जानकारी न दी जाए। ऐसे में पुलिस विभाग ने ही पोपिता की पूरी देखभाल की थी।

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