मौत के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला बजीदपुर के छात्र

सरकारी स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लंबे चौड़े दावे हो रहे हैं। इन दावों के बीच खंड पिपली के राजकीय प्राथमिक पाठशाला बजीदपुर के छात्र मौत के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ।

मौत के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे राजकीय प्राथमिक पाठशाला बजीदपुर के छात्र

पिपली : सरकारी स्कूलों में बच्चों को अच्छी शिक्षा देने के लंबे चौड़े दावे हो रहे हैं। इन दावों के बीच खंड पिपली के राजकीय प्राथमिक पाठशाला बजीदपुर के छात्र मौत के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । आलम यह है की वर्षा के दिनों में स्कूल के बरामदे में पानी खड़ा हो जाता है। वर्षा के पानी के चलते स्कूल में करंट के आने का भी खतरा बना रहता है। स्कूल की बिल्डिंग जर्जर हालत में पहुंच चुकी है। ग्राम पंचायत की ओर से स्कूल को कंडम घोषित करने का प्रस्ताव पारित किया हुआ। स्कूल की SMC कमेटी ने भी स्कूल को कंडम घोषित कर प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी के पास भेजा हुआ है लेकिन इसके बावजूद भी आज तक स्कूल को ना तो लोक निर्माण विभाग ने कंडम घोषित किया है और ना ही शिक्षा विभाग ने इस दिशा में कोई कारगर कदम उठाया। ऐसे में मौत के साए में छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए मजबूर है।

स्कूल में तीन कमरे व एक बरामदा है। तीसरी व चौथी कक्षा के छात्र कमरे में पढ़ाई करते हैं। बरसात में पानी भर जाने के बावजूद छात्र पढ़ाई करने को मजबूर हैं। स्कूल की बिल्डिंग वर्ष 1980 में बनाई गई थी। दीवारें व छत जर्जर हालात में हैं। ग्राम पंचायत ने बिल्डिंग को कंडम घोषित कराने के लिए लगभग चार वर्ष पहले एक प्रस्ताव पारित कर SDO PWD के पास भेजा गया था। इसके अलावा SMC की बैठक में 26 मार्च 2021 व पांच अप्रैल 2022 को प्रस्ताव पारित कर खंड शिक्षा अधिकारी थानेसर को बिल्डिंग को कंडम करवाकर नई बिल्डिग बनाने की गुहार लगाई गई थ। स्कूल की मुख्याध्यापिका ने खंड शिक्षा अधिकारी को जर्जर बिल्डिंग के बारे में अवगत कराया था ।

प्रशासन कर रहा बड़े हादसे का इंतजार : पालाराम

ग्राम पंचायत के पूर्व सदस्य पाला राम ने बताया कि न तो शिक्षा विभाग ने बिल्डिग की सुध ली और न ही सरकार व प्रशासन ने। शायद प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। सरकार की ओर से हर कक्षा में लगभग 2.50 लाख रुपए की कीमत की डिजिटल ब्लैक बोर्ड लगा दिए गए है, लेकिन जब बिल्डिग ही ठीक हालात में नहीं होगी तो बच्चे कैसे पढ़ाई करेंगे। यह सवाल ग्रामीणों को भी सता रहा है।

जहरीले जीव जंतु का खतरा : जसविदर सिंह

ग्रामीण जसविदर सिंह ने बताया कि वर्षा के दिनों में स्कूल में पानी भर जाता है, जिसके चलते बरसात के मौसम में जहरीले जीव जंतुओं का खतरा बना रहता है। इसके साथ डिजिटल ब्लैक बोर्ड (एलइडी स्क्रीन) से करंट लगने का भी भय बना रहता उनका कहना है कि बच्चे मौत के साए में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं ।

आज स्कूल जाकर जायजा लेंगी : वंदना

जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी का कार्य देख रही जिला उप शिक्षा अधिकारी वंदना ने बताया कि अभी उन्होंने कार्यभार संभाला है । स्कूल की क्या स्थिति है इस बारे में वे दस्तावेज देखकर ही कुछ बताने की स्थिति में होंगी। वे सोमवार को ही स्कूल में जा कर स्थिति का जायजा लेंगी।

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