छह में से किसी भी संस्थान का रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं मिला

करनाल। चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन की त्रैमासिक निरीक्षण रिपोर्ट को करनाल में स्थापित छह संस्थानों में से किसी एक का भी रिकॉर्ड सही नहीं पाया गया है। उपायुक्त अनीश यादव ने समीक्षा बैठक में कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संचालकों को इन संस्थानों को दोबारा निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की हिदायतों का अनुपालन दृढ़ता से सुनिश्चित नहीं किया गया तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

छह में से किसी भी संस्थान का रिकॉर्ड दुरुस्त नहीं मिला

जिला बाल संरक्षण अधिकारी रीना ने निरीक्षण रिपोर्ट प्रस्तुत की और बताया कि जिले में स्थापित छह संस्थानों चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन में से पांच संस्थानों का एडीसी डॉ. वैशाली शर्मा, एक संस्थान का SDM करनाल अनुभव मेहता ने त्रैमासिक निरीक्षण किया था। जिसके दौरान उक्त संस्थानों में रिकॉर्ड सहीं नहीं पाया गया और गतिविधियां भी सुचारु रूप से क्रियान्वित नहीं हो रही थी। रिपोर्ट को लेकर डीसी ने ऑब्जर्वेशन होम, नारी निकेतन, प्लेस ऑफ सेफ्टी मधुबन, हरियाणा राज्य बाल भवन मधुबन, MDD बाल भवन फूसगढ़ व श्रद्धानंद अनाथालय आश्रम के संचालकों को स्पष्ट किया कि वे स्वयं इन संस्थानों का दोबारा निरीक्षण करेंगे और कहीं पर भी अनियमितता पाई गई तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मौके पर महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी राजबाला, बाल संरक्षण अधिकारी सुमन नैन, जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक, जिला बाल कल्याण समिति के चेयरमैन उमेश चानना व जेजे बोर्ड के सदस्य बलराज सांगवान मौजूद रहे।

महिला आश्रम कॉम्पलेक्स पर खर्च होंगे 107 करोड़

करनाल। उपायुक्त अनीश यादव ने स्मार्ट सिटी की एक नई परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि 107 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से महिला आश्रम कॉम्पलेक्स में स्थापित ऑब्जर्वेशन होम, नारी निकेतन व महिला आश्रम के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा।
DC अनीश यादव ने बताया कि महिला आश्रम कॉम्पलेक्स में स्थापित ऑब्जर्वेशन होम, नारी निकेतन व महिला आश्रम के नए भवनों का निर्माण किया जाएगा, जिस पर करनाल स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत अनुमानित 107 करोड़ रुपये की राशि खर्च होगी। यह सभी भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होंगे। इस कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया हो चुकी है और ठेकेदार को वर्क अलॉट हो चुका है। यह कार्य वित्तीय वर्ष 2023 के अंत तक पूरा किया जाएगा। फिलहाल ऑब्जर्वेशन होम, नारी निकेतन, महिला आश्रम में रह रही महिलाओं व लड़कियों को अन्य सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। ये परियोजना महिला कल्याण पर आधारित है।

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