Haryana Rohtak पुलिस थाने में थर्ड डिग्री

Haryana Rohtak पुलिस थाने में थर्ड डिग्री

Haryana Rohtak । झज्जर जिले के गांव सीदीपुर के जगदीश ने ढाई साल न्याय पाने के लिए लड़ाई लड़ी। अब जाकर अर्बन एस्टेट थाने में दिसंबर 2019 में थर्ड डिग्री देने के आरोप में पांच पुलिस कर्मियों सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। जबकि मेडिकल रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टर को अदालत ने चेतावनी देकर छोड़ दिया। अब पुलिस को 13 जून को जेएमआईसी आदित्य सिंह की अदालत में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करनी है।

Rohtak के वकील डॉक्टर दीपक भारद्वाज ने बताया कि सीदीपुर गांव निवासी 50 वर्षीय जगदीश एक मार्केटिंग कंपनी में नौकरी करता था। कंपनी ने कर्मचारियों को अच्छा काम करने के लिए प्रोत्साहन देने का निर्णय किया। जगदीश ने कंपनी से लोगों को जोड़ने का अपना टारगेट हासिल कर लिया। इसके चलते कंपनी ने उसे उपहार स्वरूप कार भेंट की थी। एक से डेढ़ साल तक जगदीश ने कार का प्रयोग किया। इसी बीच पेमेंट को लेकर जगदीश का कंपनी से विवाद हो गया।

आरोप है कि कंपनी में कार्यरत सुरेश नाम के व्यक्ति ने जगदीश के खिलाफ अमानत में खयानत का केस दर्ज करवा दिया। दिसंबर 2019 में अर्बन एस्टेट थाना पुलिस जगदीश को थाने में ले आई। आरोप है कि थर्ड डिग्री दी गई। जमकर पीटा गया, लेकिन अदालत में पेश करते समय सिविल अस्पताल की जो मेडिकल रिपोर्ट दाखिल की, उसमें चोट अलग दिखाई गई थी। वकील ने अदालत से आग्रह किया कि जगदीश का बोर्ड से मेडिकल करवाया जाए। कोर्ट के आदेश पर पीजीआई में डॉक्टरों के एक पैनल ने दोबारा मेडिकल किया। बोर्ड ने जो रिपोर्ट भेजी वह सिविल अस्पताल के डॉक्टर की रिपोर्ट से अलग थी।

Rohtak अदालत ने डॉक्टर के खिलाफ आर्य नगर थाने में केस दर्ज करने के निर्देश दिए। Rohtak पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन अपनी जांच में डॉक्टर को क्लीनचिट दे दी। अदालत पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं हुई और एफआईआर रद्द नहीं की। इसके बाद डॉक्टर ने ऊपरी अदालत में अपील की। ऊपरी वाली अदालत ने केस दोबारा नीचे कोर्ट में भेज दिया। बाद में अदालत ने डॉक्टर को चेतावनी देकर छोड़ दिया। अदालत के फैसले को आधार मानकर याचिकाकर्ता ने कोर्ट में पुलिस कर्मियों व आरोपी सुरेश के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। कोर्ट ने पुलिस को केस दर्ज कर 13 जून तक कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। ऐसे में अब अर्बन एस्टेट थाने में आरोपी एएसआई ओमप्रकाश, तत्कालीन मुंशी टिंकू, राजेश हवलदार व दो अन्य पुलिसकर्मियों व सुरेश कुमार के खिलाफ केस दर्ज किया है।

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