क्यूआर कोड भेजकर 99 हजार की ठगी मामले में एक नाबालिग सहित दो अन्य आरोपी गिरफ्तार

भिवानी। भिवानी साइबर क्राइम पुलिस ने तोशाम क्षेत्र के एक व्यक्ति को क्यूआर कोड भेजकर 99 हजार रुपये की ठगी करने के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को पुलिस हिरासत में ले लिया गया है. तीनों सगे भाई हैं। तीनों भाइयों ने एक दोस्त के साथ मिलकर ऑनलाइन ठगी का गिरोह भी बना लिया है। जिसके तार मेवात से जुड़े हुए हैं। साइबर क्राइम पुलिस की टीम ने आरोपी के पास से खाते से निकाले गए 43 हजार रुपये नकद और फर्जी आधार कार्ड भी बरामद किया है. पुलिस पूछताछ में पता चला कि तीनों भाई नशे की लत को मिटाने के लिए फर्जी तरीके से लोगों के खातों से पैसे निकाल लेते थे।

क्यूआर कोड भेजकर 99 हजार की ठगी मामले में एक नाबालिग सहित दो अन्य आरोपी गिरफ्तार

तोशाम क्षेत्र के खरकड़ी मखवां निवासी दीपक ने 25 मई 2021 को तोशाम थाने में शिकायत दी. जिसमें उन्होंने बताया कि उनके बैंक खाते से 99 हजार रुपये निकल चुके हैं. पुलिस ने इस संबंध में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। जिसके बाद सीआईए पुलिस ने भी जाल बिछाया, लेकिन आरोपी पकड़े नहीं गए। अब मामला साइबर क्राइम थाने तक पहुंचा तो तीनों को पकड़ लिया गया.

भिवानी साइबर क्राइम थाने के एएसआई विजय कुमार ने बताया कि तोशाम के दीपक ने शिकायत दी थी कि उनके खाते से दो बार फर्जी तरीके से कुल 99000 रुपये निकाले गए. साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मेवात जिले के पुन्हा थाना अंतर्गत ग्राम खेड़ा से तीन सगे भाइयों को पकड़ लिया. जिनमें से एक नाबालिग लड़का है। उसे फरीदाबाद के किशोर न्याय न्यायालय में पेश किया गया। जिसके बाद उसे सुधार गृह भेज दिया गया। इसके अलावा उसके दो सगे भाइयों से पूछताछ के बाद पुलिस ने 43 हजार रुपये की नकदी बरामद की है.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेवात जिले के सरफराज और अंसार के रूप में हुई है. जिसे झज्जर के बेरी से गिरफ्तार किया गया है. एएसआई विजय कुमार ने बताया कि आरोपी अंसार को कोर्ट में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है. पूछताछ के दौरान आरोपियों के पास से 43 हजार रुपये नकद और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है. आरोपी सरफराज ने बताया कि तीनों सगे भाई हैं। वहीं आरोपी सरफराज ने फर्जी आईडी बनाकर फर्जीवाड़ा करने के लिए सिम कार्ड मुहैया कराया था। धोखाधड़ी का मास्टरमाइंड है आरोपी अंसार।
धोखाधड़ी की राशि आरोपी अंसार द्वारा केनरा बैंक के फर्जी खाते में जमा करा दी गई थी। यह राशि भरतपुर राजस्थान से निकाली गई थी। साइबर क्राइम की टीम अब इस गिरोह के दूसरे मुख्य आरोपी और आरोपी के भाई साहिल की भी तलाश कर रही है. जिसके लिए संबंधित जगहों पर छापेमारी की जा रही है. जिन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। आरोपित अंसार व आरोपित सरफराज को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जिला जेल भेजने के आदेश जारी कर दिये गये हैं.
अनजान के कहने पर फोन पर आए क्यूआर कोड को स्कैन न करें
साइबर क्राइम थाने के एएसआई विजय कुमार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति के फोन पर भेजे गए क्यूआर कोड को स्कैन न करें। वहीं अगर कोई रिश्तेदार या दोस्त आपात स्थिति का हवाला देकर आपसे पैसे की मांग करता है तो उस रिश्तेदार या दोस्त को फोन करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि फोन करने वाला वास्तव में आपका दोस्त या रिश्तेदार है या नहीं। आपकी सावधानी ही आपका बचाव है। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी की स्थिति में 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कराएं।

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