3770 एकड़ कृषि भूमि में जलभराव, किसानों के माथे पर चिता की लकीरें

सोनीपत : मानसून इस बार सामान्य रहा है। वर्षा के पानी की निकासी नहीं होने से जिले के विभिन्न गांवों के करीब 3770 एकड़ कृषि भूमि में डेढ़ फीट तक पानी भरा हुआ है। फसलें जलमग्न होने और अतिरिक्त पानी नहीं निकलने से किसानों को इस बार भी नुकसान की चिता सताने लगी हैं। पिछले वर्ष भी करीब दो हजार एकड़ में किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाए थे। इस बार भी यदि पानी की निकासी नहीं हुई तो किसान अगली फसल भी नहीं ले पाएंगे, इसलिए फसल खराब होने से बचाने के लिए कुछ किसानों ने स्वयं ही पंप लगाकर निकालना शुरू कर दिया है। वहीं, किसानों का आरोप है कि बार-बार मांग करने के बाद भी सिचाई विभाग पानी निकासी का स्थाई प्रबंध नहीं कर रहा है। मानसून सीजन में इस वर्ष अच्छी वर्षा हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि मानसून पहुंचने से पहले माइनर की सफाई नहीं कराई गई। इससे पानी की निकासी भी बाधित हुई और पानी खेतों में भर गया। खेतों में अभी भी करीब डेढ़ फीट तक वर्षा का पानी भरा हुआ है। मौसम विभाग ने वर्षा होने की संभावना जताई है। बरसात होने पर पानी का स्तर बढ़ेगा। इसके साथ ही साथ लगते खेतों में भी पानी भरेगा। इससे किसानों को फसल की चिता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब वर्षा होने के बाद खेतों में पानी भरा है। पिछले वर्ष भी हजारों एकड़ में पानी भर गया था। फसलें खराब हो गई थी। कुछ जमीन पर किसान बिजाई नहीं कर पाए थे। इसे देखते हुए किसानों ने सिचाई विभाग के अधिकारियों से पानी निकासी के प्रबंध और नहरों की सफाई कराने की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने मांग पूरी नहीं की। विभाग की लापरवाही का खामियाजा इस बार भी किसानों को नुकसान भुगतकर चुकाना पड़ेगा। जुआं माइनर की सफाई नहीं होने से बढ़ी परेशानी

3770 एकड़ कृषि भूमि में जलभराव, किसानों के माथे पर चिता की लकीरें

किसानों के अनुसार गांव में माइनर की टेल है। जैसे ही वर्षा होती है तो अन्य गांवों का पानी गांव के खेतों में भर जाता है। सिचाई विभाग से पानी निकासी के प्रबंध करने की मांग की गई थी, लेकिन अभी भी पानी भरा हुआ है। वर्षा आने पर अधिक खेतों में पानी भर जाएगा। वहीं, खेतों में पानी निकालकर जुआं माइनर में डाला जाता है। माइनर की सफाई नहीं होने से पानी आगे नहीं जा पाता। कई दिनों से खेतों में पानी भरा रहने के कारण अब किसानों की चिता फसल को लेकर है। अधिक समय तक खेतों में पानी भरा रहने के कारण फसल खराब हो जाएगी। सिचाई विभाग भी उनकी समस्या का समाधान नहीं करा रहा। न तो पानी निकासी कराई और न ही माइनर की सफाई, इसलिए किसानों को स्वयं ही पानी निकासी के प्रबंध करने पड़ रहे हैं।

यहां है जलभराव

खरखौदा क्षेत्र — 425 एकड़

सोनीपत क्षेत्र — 260 एकड़

गन्नौर क्षेत्र — 145 एकड़

राई क्षेत्र — 40 एकड़

बरोदा क्षेत्र — 1900 एकड़

गोहाना क्षेत्र — 1000 एकड़ इन गांवों में भरा हुआ है पानी

जिले में सबसे अधिक बरोदा विधानसभा क्षेत्र के गांवों के खेतों में जलभराव हैं। यहां पर करीब दो हजार एकड़ में जलभराव हैं। इनमें धनाना, बनवासा, रिढाणा, कथूरा, बरोदा, रूखी, पुठी, कहैल्पा गांव शामिल हैं। गोहाना विधानसभा क्षेत्र के रतनगढ़, गढ़ी हकीकत, जाजी, नैना, लाठ, जौली, खेड़ी दमकन, सरगथल व जुआं गांव के खेतों में पानी भरा है। यहां पर करीब एक हजार एकड़ में फसलों में पानी भरा हुआ है। खरखौदा में किढ़ौली, गोरड़, रोहट, बिधलान के खेतों में पानी भरा हुआ है।

जिन क्षेत्रों में वर्षा का पानी भरा है। खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने के लिए पंप लगाए हुए हैं। पंपसेट को लगातार चलाया जा रहा है, ताकि जल्द से जल्द खेतों से पानी निकाला जा सके।

– रघुबीर सिंह, एक्सईएन, सिचाई विभाग, सोनीपत

मंत्री के दौरे के बाद भी पानी निकासी में नहीं कोई सुधार : जगबीर

कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस विधानसभा सत्र में लाएगी काम रोको प्रस्ताव जागरण संवाददाता, गोहाना : कांग्रेस विधायक जगबीर सिंह मलिक ने कहा कि गोहाना और बरोदा हलका के विभिन्न गांवों में हजारों एकड़ में वर्षा के बाद जलभराव होने से फसलें जलमग्न हैं। राज्य के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के मंत्री जयप्रकाश दलाल ने बरोदा हलका के गांवों में दौरा करके जल्द समाधान करवाने का वादा किया था। दो दिन बाद निकासी व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। विभाग के पास मोटरें उपलब्ध नहीं हैं। मलिक पुराना बस स्टैंड स्थित अपने निवास पर कांग्रेस नेता दुष्यंत लठवाल और अजमेर के साथ पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने ने कहा कि उनके हलके के गांव रतनगढ़, गढ़ी हकीकत, जाजी, नैना, लाठ, जौली, खेड़ी दमकन, सरगथल में एक हजार से अधिक एकड़ में फसलें जलमग्न हैं। रतनगढ़ में 700 एकड़ में दो साल से बिजाई तक नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पांच माह पहले कहा था कि दो विधायकों के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम गांवों का दौरा करके स्थिति देखेगी। अब तक टीम नहीं आई है। भाजपा ने 2022 तक किसानों की आय दोगुना करने का वादा किया था। आय तो दोगुना हुई नहीं लेकिन कृषि में खर्च दोगुना जरूर बढ़ गया है। वर्षा के पानी की निकासी के लिए सरकार मोटरों का प्रबंध करे। उधर विधायक मलिक ने कहा कि कांग्रेस कानून व्यवस्था को लेकर विधानसभा सत्र में काम रोको प्रस्ताव लेकर आएगी। सीएम विडो पर सरकार के विरोध में जो शिकायतें आती हैं उनको दबा दिया जाता है। कुलदीप बिश्नोई के आमदपुर हलका से उनके सामने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के उपचुनाव लड़ने के बयान को मलिक ने बचकाना बयान बताया।

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