स्वच्छता में नजीर बना यमुनानगर, देश भर की पंचायतें हरियाणा के माडल पर करेंगी काम

हरियाणा के यमुनानगर की पंचायतों का स्‍वच्‍छता का माडल देशभर में चर्चा का विषय बनी हैं। अब देशभर की अन्‍य पंचायतें भी इसको फालो करेंगी। जल शक्ति मंत्रालय ने ओडीएफ प्‍लस सर्वे के दौरान स्‍वच्‍छता की सराहनी की थी।

स्वच्छता में नजीर बना यमुनानगर, देश भर की पंचायतें हरियाणा के माडल पर करेंगी काम

यमुनानगर। यमुनानगर स्वच्छता में नजीर बनेगा। देश भर की पंचायतों के लिए यहां का माडल आदर्श बनेगा। जल शक्ति मंत्रालय (पेयजल एवं स्वच्छता विभाग) के सर्वेक्षण में यमुनानगर जिले की ग्राम पंचायतों में ODF (खुले में शौच मुक्त) प्लस के लिए किए गए कार्यों को सराहना मिली है। जिन बिंदुओं के आधार पर सर्वेक्षण किया गया। उनसे भी बेहतर कार्य यहां की ग्राम पंचायतों में हुआ है।

मंत्रालय ने जिले में ODF+ को लेकर किए गए कार्यों, प्रयासों को दर्शाती हुई डाक्यूमेंट्री बनाने के आदेश दिए हैं। इस डाक्यूमेंट्री को 22 अगस्त को दिल्ली में होने वाली राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा बैठक में दिखाया जाएगा। जिससे देश की अन्य पंचायतें भी इसी माडल से सीख लेते हुए ओडीएफ प्लस के लिए कार्य कर सके।

दरअसल, मंत्रालय की ओर से स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत ODF व ODF+ को निरीक्षण किया जाता है। जिले में ओडीएफ प्लस में 111 ग्राम पंचायतों को लिया गया है। इनकी सूची भी MIS पोर्टल पर अपलोड की गई। MIS पोर्टल पर अपलोड किए जाने के बाद मंत्रालय की टीमें पोर्टल पर दी गई जानकारी के आधार पर ग्राम पंचायतों का सर्वेक्षण करती है। जून माह में मंत्रालय की टीमों ने प्रदेश के पंचकूला, भिवानी, सिरसा व यमुनानगर का सर्वेक्षण किया था। अब इसकी रिपोर्ट विभाग को मिली है। जिसमें कहा गया है कि यमुनानगर की ग्राम पंचायतों के बारे में पोर्टल पर जो स्थिति दर्शाई गई। उससे भी बेहतर कार्य हुआ है। यदि देश की ग्राम पंचायतों में भी इसी तरह से कार्य हो, तो ODF+ बरकरार रह सकता है।

इन बिंदुओं के आधार पर सर्वेक्षण

व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालयों की स्थिति, ठोस व तरल कचरा प्रबंधन, स्वच्छता से संबंधित प्रचार प्रसार, सोकता गड्ढ़े, वर्मी कंपोस्ट के गड्ढ़े, गोबर गैस संयंत्र, ग्रामीणों के कार्यों का अवलोकन सर्वेक्षण के दौरान किया जाता है। इसके साथ ही सरपंचों, ग्रामीणों, शिक्षकों, आंगनबाड़ी वर्करों, स्वच्छता टीम व प्रशासनिक अफसरों से भी फीडबैक लिया जाता है। जिसके बाद ही रिपोर्ट तैयार की जाती है।

रादौर ब्लाक के सबसे अधिक गांव ओडीएफ प्लस में

ब्लाक – ओडीएफ प्लस गांवों की संख्या

बिलासपुर – 17

छछरौली – 17

जगाधरी – 15

प्रतापनगर – 8

रादौर – 26

सरस्वतीनगर – 12

साढौरा – 16

यह दिखाया जाएगा डाक्यूमेंट्री में

स्वच्छ भारत मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक बलिंद्र कटारिया ने बताया कि डाक्यूमेंट्री दस मिनट की होगी। इसमें व्यक्तिगत व सामुदायिक शौचालय, ठोस व तरल कचरा प्रबंधन, प्रचार प्रसार, पालिथीन प्लास्टिक का निस्तारण, मिट्टी के बर्तन, पत्तल व कपड़े के थैलों का प्रयाेग और बच्चों द्वारा तैयार पेंटिंग भी दर्शाई जाएगी। सेनेटरी नैपकिन के सुरक्षित निपटान को भी डाक्यूमेंट्री में दिखाया जाएगा।

यह है ODF+

ODF में उन गांवों को शामिल किया जाता है। जहां पर कोई भी खुले में शौच न जाता है। इसके आगे ODF+ है। इसके तहत वह गांव हैं। जहां पर ODF की स्थिति की बरकरार है और स्वच्छता के मामले में भी स्थिति बहुत अच्छी है। इसकी निगरानी के लिए उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी जसविंद्र बांगड़ की अध्यक्षता में ब्लाकवार कमेटियां भी बनाई गई है।

”मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवीन आहुजा ने बताया कि ODF+ में जिले के गांवों की स्थिति बहुत अच्छी है। इसलिए मंत्रालय ने यहां की डाक्यूमेंट्री तैयार कराई है। इस डाक्यूमेंट्री को राष्ट्रीय स्तर की समीक्षा में प्रदर्शित किया जाएगा।”

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