अस्पताल में युवक की मौत, डाक्टरों पर लगा लापरवाही का आरोप, हंगामा

पलवल: किठवाड़ी चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग-19 स्थित एक निजी अस्पताल में 30 वर्षीय युवक की मौत को लेकर बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। स्वजन ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण युवक को पथरी के आपरेशन के बाद से ही होश नहीं आया और अब डेढ़ महीने बाद उसने दम तोड़ दिया। इससे गुस्साए स्वजन ने सुबह अस्पताल के बाहर करीब चार घंटे तक शव को रखकर हंगामा किया और कुछ देर के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-19 भी जाम कर दिया। इस दौरान डीएसपी मुख्यालय अनिल कुमार समेत भारी पुलिसबल मौके पर मौजूद रहा। दोपहर करीब 12 बजे अस्पताल के डाक्टरों और स्वजन के बीच सहमति बन पाई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया।

अस्पताल में युवक की मौत, डाक्टरों पर लगा लापरवाही का आरोप, हंगामा

मामले में घोड़ी के रहने वाले भगत सिंह ने बताया कि वह बीती 30 जून, 2022 को अपने भाई नवीन कुमार को हर्निया के इलाज के लिए किठवाड़ी चौक स्थित अग्रसेन अस्पताल लेकर आया था। अस्पताल में डाक्टर सचिन मंगला ने उनसे अल्ट्रासाउंड कराने के लिए कहा। डाक्टर के कहने पर उन्होंने नवीन का अल्ट्रासाउंड करा दिया। इसके बाद डाक्टर ने रिपोर्ट देकर बताया कि नवीन को पथरी भी है। इसका भी आपरेशन करना पड़ेगा। डाक्टर सचिन और डाक्टर जतिन ने बताया कि पथरी का एक मामूली आपरेशन होगा, इसमें खतरे की कोई बात नहीं है।

इसके बाद डक्टर तेहेंद्र ने नवीन को बेहोशी का इंजेक्शन लगा दिया और डाक्टर सचिन व जतिन पूनिया ने उसका आपरेशन किया, मगर कई घंटे बाद भी नवीन को होश नहीं आया। इसके बाद डाक्टरों ने कहा कि थोड़ी देर में नवीन को होश आ जाएगा, मगर तीन जुलाई तक उसे होश नहीं आया। इसके बाद उन्होंने बाहर के एक निजी अस्पताल से एक डाक्टर को नवीन को देखने के लिए बुलाया। उक्त डाक्टर ने उन्हें बताया कि नवीन की हालत बहुत ही खराब है। इसे किसी दूसरे अस्पताल में रेफर करना पड़ेगा। इसके बाद भी डाक्टर सचिन, डाक्टर जतिन पूनिया, डाक्टर तेहेंद्र, डाक्टर प्रभात आर्य ने कहा कि मरीज ठीक है और उसे जल्दी होश आ जाएगा। नवीन को होश ना आने पर वह उसे तीन जुलाई को फरीदाबाद के एक निजी अस्पताल लेकर गए। वहां पर डाक्टरों ने बताया कि नवीन का गलत तरीके से इलाज किया गया है। इसके बाद उन्होंने 20 जुलाई को नवीन को फरीदाबाद के ESI अस्पताल में दाखिल कराया, लेकिन 16 अगस्त को नवीन की मौत हो गई।

मामले में की गई 174 की कार्रवाई:

शहर थाना प्रभारी राजबीर सिंह के अनुसार मामले में पहले स्वजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया था, मगर बाद में उनका शक दूर हो गया। शव का जिला नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाया गया है। मामले में 174 की कार्रवाई की गई है।

इकलौता कमाने वाला था मृतक:

स्वजन ने बताया कि मृतक अपने घर में इकलौता कमाने वाला था। मृतक नवीन पृथला गांव स्थित एक कंपनी में नौकरी करता था। मृतक के बड़े भाई की भी बीते मार्च माह में ही मधुमेह की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। मृतक नवीन के तीन बच्चे हैं। अब मृतक के परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

आपरेशन के दौरान हुई लापरवाही:

अस्पताल में गलत आपरेशन करने की शिकायत मृतक के भाई भगत ने बीते माह जिला नागरिक अस्पताल में की थी। नागरिक अस्पताल की जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में आपरेशन के दौरान अग्रसेन अस्पताल के डाक्टरों और अस्पताल पर लापरवाही बरतने की बात कही है।

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